वेंकैया नायडू बोले- लोकतंत्र के लिए अच्छे नहीं है, मुफ्त में चीजे देने के पार्टियों के वादे

Venkaiah Naidu

New Delhi: देश के उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मुफ्त में चीजें बांटने के राजनीतिक पार्टियों के वादें को लेकर बड़ा बयान दिया है।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि चुनाव में मुफ्त चीजें बांटने के राजनीतिक दलों के वादे लोकतंत्र के लिए अच्छे नहीं है। उपराष्ट्रपति ने हैरानी जताते हुए कहा कि इसकी जवाबदेही कहां है। वेंकैया नायडू ने सवाल करते हुए कहा कि राजनीतिक दल बिना यह महसूस किए चुनाव से पहले अनोखे वादे कर रहे हैं कि उन्हें लागू भी किया जा सकेगा या नहीं। अगर वे कल इन वादों को पूरा करने में सफल नहीं हो पाए तो इसका जवाबदेह कौन होगा।

वेंकैया नायडू ने सुझाव दिया कि राजनीतिक दलों को पहले राज्य की वित्तीय स्थित उसके कर्ज, करों से मिलने वाली आय और चुनावी वादों को पूरा करने के लिए जरुरी धनराशि का विश्लेषण करना चाहिए। दरअसल चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक पार्टियां आएं दिन लोक लुभावन वादें कर रहे हैं। इसी को लेकर उप राष्ट्रपति ने ये बयान दिया है।

Venkaiah Naidu

उप राष्ट्रपति ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को पहले सोचना चाहिए कि वे वादों को पूरा करने के लिए जरुरी संसाधन कैसे जुटाएंगे। यह राष्ट्रीय एंव क्षेत्रीय दोनों ही प्रकार के दलों पर लागू होता है। उन्होंने कहा कि पार्टियां चुनाव से पहले मनमाने वादे करती रहती है कि वे ये दे देंगी। यह माफ कर देंगी वह माफ कर देंगी। चुनाव के बाद वे दावा करती हैं कि उन्होंने एक बार में ही हर चीज माफ करने का वादा नहीं किया था।

नायडू ने कहा कि सत्ता में पहुंचने वाले दल कहते हैं कि सरकार की वित्तीय दशा अच्छा नहीं है क्योंकि उनके पहले की सरकार ने अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया। हालांकि ये सही भी हो सकता है मैं इससे इनकार नहीं कर सकता। उप राष्ट्रपति ने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा मुफ्त में चीजें देने के किए जाने वाले वादे लोकतंत्र के लिए अच्छे नहीं है।

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