शिवसेना ने कसा तंज, कहा- राम मंदिर पर नहीं, अब मिशेल के नाम पर 2019 का चुनाव लड़ेगी BJP

New Delhi: केंद्र और राज्य की सरकारों में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने एक बार फिर राम मंदिर को लकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

शिवसेना ने तंज कसते हुए कहा कि मुद्रा स्फीति, बेरोजगारी, नोटबंदी, किसानों की समस्या और राम मंदिर के मुद्दे अब पीछ छूट जाएंगे और बीजेपी मिशेल के नाम पर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ेगी। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा है कि बीजेपी जिस तरह से अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को घेर रही है उससे ऐसा लगता है कि देश के मुख्य मुद्दे पर पीछे छूट जाएंगे और चुनावों में बीजेपी का मिशेल पुराण ही चलेगा।

शिवसेना ने कहा है कि अगस्ता वेस्टैंलड डील में रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं और दोषी चाहे कितने ही बड़े क्यों न हो, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए। चूंकि मिशेल ने सोनिया गांधी तथा कांग्रेस के अन्य नेताओं का नाम लिया है तो जनता राफेल घोटाले को भूल नहीं जाएगी। शिवसेना ने अपने आरोप में कहा कि जब मिशेल का दुबई से प्रत्यर्पण हुआ था, उस वक्त पांच राज्यों में चुनाव प्रचार चल रहा था और भाजपा खुद ही परेशान थी।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ चुनावी रैलियों में इस मिशेल का जिक्र करते हुए कहा था कि अभी कुछ और धमाकेदार खुलासे होंगे और वह किसी को भी नहीं बख्शेंगे। अब हमें समझ आ रहा है कि उनका इशारा किस ओर था। शिवसेना ने मुखपत्र सामना में लिखा है कि मिशेल के खिलाफ जांच शुरू होने से पहले ही मोदी का गांधी परिवार की ओर संकेत करना हास्यास्पद है और इससे स्पष्ट है कि जांच की दिशा क्या है। मिशन मिशेल का उद्देश्य 2019 है।

शिवसेना का कहना है कि सोहराबुद्दीन शेख मुठभेडड़ मामले मे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और अन्य को क्लीनचिट इसलिए मिल गई क्योंकि सीबीआई ने अदालत में कहा कि एजेंसी पर बड़े भाजपा नेताओं का नाम लेने के लिए दबाव था। शिवसेना ने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में रहती है तो बीजेपी के नेताओं के नाम आरोपियों की लिस्ट में रहते हैं। जिससे साफ है कि केंद्र की सरकारें राजनीतिक विरोधियों को ठिकाने लगाने के लिए सरकारी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करती हैं।