मजदूर पिता ने लोन लेकर साकार किया बेटे का सपना, जल्द मिलेगा देश को एक होनहार डॉक्टर

New Delhi: देश में गरीबी चाहे जितना हो लेकिन देश के विकास को रोकने वाली गरीबी अभी पैदा नहीं हुई है। राजस्थान में एक बेटे ने अपने पिता की मदद से साबित किया कि वो भले ही पैदा एक मजदूर के घर हुआ है लेकिन वह हार नहीं मानेगा। उन्होंने पढ़ाई के लिए लोन लिया और आज उसके बेटे ने नीट में क्वालीफाई करके मेडिकल की सरकारी कॉलेज को पाने में सफल रहा।

1 अगस्त से उसकी क्लासेस चालू हो जाएंगी और अब देश को एक और होनहार डॉक्टर जल्द ही मिलेगा। पिता का कहना है कि उन्हें अपने बेटे पर पूरा भरोसा था और इसीलिए उऩ्होंने उसकी कोचिंग के लिए दो बार लोन लिए और आखिरकार उनके बेटे ने उनकी उम्मीद की लाज रखते हुए नीट की परीक्षा उत्तीर्ण की।

यह बात है पनस्रोतिया जिले की जहां एक मजदूर पिता ने लोन लेकर अपने बेटे के सपने को साकार किया है। हेमंत कुमार स्वामी का एक ही सपना था वो है डॉक्टर बनने का। उसके इस सपने को उसके पिता ताराचंद्र अच्छी तरह जानते थे। वो भी यही चाहते थे कि उनका बेटा बड़ा होकर एक होनहार डॉक्टर बने। इसके लिए उन्होंने गांव के सरपंच से लोन लिया और कोचिंग के लिए बेटे को कोटा भेज दिया। हेमंत ने एलेन कैरियर इंस्टीट्यूट से कोचिंग की और नीट में ऑल ओवर 16,742 रैंक लाने में सफल रहा। जबकि आरक्षित सीट में उसका रैंक 270 है।

 

एमबीबीएस क्लासेस आर.यू.एच.एस कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस में 1 अगस्त से शुरू हो गई है। हेमंत के पिता बताते हैं कि उनके बेटे की पढ़ाई कक्षा 8 तक गांव से ही हुई है। उसके बाद वह कोठिनटमम् सरकारी स्कूल में पढ़ने चला गया जहां हेमंत ने कक्षा10 82.33 प्रतिशत से और कक्षा12 81.20 प्रतिशत से उत्तीर्ण की। ताराचंद्र का कहना है कि पहली बार की कोशिश में उनका बेटा असफल रहा जिसके बाद कोचिंग के लिए उनको दुबारा लोग लेना पड़ गया। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और आखिरकार उनके बेटे को सफलता मिल गई।

एलेन कोचिंक के संचालक नवीन महेश्वरी का कहना है कि हेमंत के टैलेंट और उसके आर्थिक परिस्थिती को देखते हुए कोचिंग ने उसकी फीस घटा दी थी। उनका कहना है कि कोचिंग काबिल लोगों की हमेशा से मदद करता रहा है।

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