रेल मंत्रालय की पहल- मोबाइल फोन में पहुंचेगी ट्रेन से जुड़ी हर जानकारी

New Delhi. भारतीय रेल यात्री सुविधाओं की बेहतरी के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल करने जा रही है। अब टेक्नॉलजी के माध्यम से ट्रेनों के बारे में हर जानकारी मोबाईल फोन में उपलब्ध रहेगी। रेलवे ने इसके लिए वास्तनविक समय रेल जानकारी प्रणाली की शुरुआत की है।

अब ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को उसी ट्रेन में उपलब्ध सीटों की जानकारी भी रेलवे देगा। इसके लिए टीटीई (टिकट निरीक्षकों ) को एक विशिष्ट उपकरण दिया जा रहा है। इसकी सहायता से टीटीई आरक्षित कोचों की जांच कर सकेंगे और खाली बर्थों को आवंटित कर सकेंगे। इसके साथ ही ट्रेन में उपलब्ध सीटों/बर्थों की जानकारी टीटीई द्वारा अगले स्टेशनों तक भेजी जाएगी। इससे किराया बटोरने का काम भी किया जा सकता है।

गौरतलब है कि पिछले चार सालों में रेलवे ने अपनी व्यवस्था में कई तरह के सुधार किए हैं। इनमें सबसे अहम है पेपरलेस टिकटिंग की व्यवस्था। साल 2014 के दिसंबर में ही रेलवे ने मुंबई में अनारक्षित टिकटों को भी पेपरलेस कर दिया था। इसके बाद से इस सेवा का विस्तार मुम्बई, चेन्नई, कोलकाता और सिकन्दराबाद के उपनगरीय खंडों में किया गया है।

इसका सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को होता है जो ट्रेनों की जनरल बोगियों में सफर करते हैं। अब यात्रियों को जनरल बोगी में सफर करने के लिए लंबी लंबी लाइनों में नहीं लगने पड़ते हैं। ऐसे यात्रियों को मोबाईल फोन में क्यू आर कोड के साथ टिकट उपलब्ध कराए जाते हैं।

सरकारी आंकड़ों का कहना है कि साल 2014 में मोबाईल से जनरल टिकट खरीदने वाले यात्रियों की संख्या औसतन 195 टिकट प्रतिदिन थी, जो वित्तीय वर्ष 2018-19 में बढ़कर 67000 टिकट प्रतिदिन हो गई है। सरकार का कहना है कि डिजिटलीकरण के कारण भारतीय रेलवे के प्रति यात्रियों का विश्वास बढ़ा है और रेलवे को इससे अच्छी खासी आमदनी भी हो रही है।