देश में गरीबी कम करना चाहते हैं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, अपनाएंगे चीन का फॉर्मूला

New Delhi: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि उनकी सरकार अपने लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के लिए चीनी फार्मूला का अनुसरण करना चाह रही है। इसके लिए उद्योगपतियों और कपड़ा क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्रोत्साहन देने की नीतियां बना रही है। इसके पीछे का मकसद बताते हुए इमरान खान ने कहा कि लोग पैसा कमाएं, ताकि वे रोजगार के अवसर पैदा कर सकें और लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद मिल सकें, जैसे चीन में किया जाता है।

मालूम हो कि भारत की पड़ोसी देश पाकिस्तान मौजूदा समय में कंगाली की हालत में पहुंच चुका है, हालांकि पाकिस्तान को इस मुश्किल से उबारने के लिए चीन अपने इस सदाबहार दोस्त को करीब 2.5 अरब डॅालर का कर्ज देगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन द्वारा की जाने वाले इस आर्थिक मदद से पाकिस्तान की आर्थिक हालात में सुधार देखने को मिल सकता है।

गौरतलब है कि इस वक्त पाकिस्तान विदेशी मुद्रा भंडार में कमी होने और विदेशी कर्ज के लगातार बढ़ोत्तरी से परेशान है। यह कमी अर्न्तराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्ववैंक द्वारा सुझाये गए न्यूतनतम स्तर से भी काफी कम है। ऐसे में पाकिस्तान विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक से पाकिस्तान की विदेशी मुद्रा भंडार में हुए कमी को पूरा करने की मदद मांग चुका है,हालांकि विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक उन्हें कर्ज देने से मना कर चुकी है।

वहीं पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय से एक शीर्ष अधिकारी ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून से बातचीत में कहा कि बीजिंग पाकिस्तान को 2.5 अरब डॅालर का कर्ज देगा। ताकि पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में आयी कमी को पूरा करने में मदद मिल सके। चीन द्वारा दी जाने वाली यह राशि सीधे बीजिंग केंद्रीय बैंक के पास जमा की जाएगी।  अखबार ने आगे कहा कि चीन द्वारा की जा रही यह मदद चालू वित्त वर्ष में 4.5 अरब डॅालर तक पहुंच जाएगी। मालूम हो कि इसके पहले जुलाई में चीन ने पाकिस्तान को दो अरब डॅालर का कर्जा दिया था, हालांकि चीन द्वारा पाकिस्तान की आर्थिक तौर पर मदद के पीछे भारत के ऊपर कूटनीतिक तौर पर दबाव डालना माना जा रहा है।