चंद्रमा पर कदम रखने से पहले नील आर्मस्ट्रांग ने लड़ा था यु’द्ध, 121 घंटे हवा में भरी थी उड़ान

New Delhi: अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग दुनिया के पहले ऐसे शख्स थे, जिन्होंने चांद पर सबसे पहले कदम रखा था। हालांकि यह बहुत कम लोगों को ही पता है कि अंतरिक्ष यात्री बनने से पहले उन्होंने अमेरिकी नेवी की तरफ से कोरियाई यु’द्ध में भी हिस्सा लिया था।
आर्मस्ट्रांग ने कोरिया के युद्ध में कुल 78 मिशनों के दौरान उड़ान भरी और कुल 121 घंटे हवा में गुजारे। इस यु’द्ध के दौरान उनके द्वारा सफलतापूर्वक मिशन पूरा करने के लिए गोल्ड स्टार और एयर मेडल का खिताब दिया गया।

5 अगस्त 1930 को अमेरिका के ओहियो प्रान्त के वापाकोनेता में जन्में नील आर्मस्ट्रांग चांद पर कदम रखने वाले पहले इंसान थे। उन्हें 200 से ज्यादा तरह के विमान उड़ाने का अच्छा खासा अनुभव था। इसके अलावा उन्होंने पहली बार चांद पर 21 जुलाई 1969 पर कदम रखा और 2.5 घंटे का स्पेस वॅाक भी किया। आर्मस्ट्रांग जिस अपोलो 11 में सवार थे, वह चांद की सतह पर 20 जुलाई 1969 को उतरा था और इस दौरान उनके साथ एक और अंतरिक्षयात्री एडविन एल्ड्रिन भी थे।
आर्मस्ट्रांग ने साल 1971 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा छोड़ दिया था और छात्रों को अंतरिक्ष इंजीनियरिंग के बारे में पढ़ाने लगे थे, हालांकि बाद में उन्हें दिल की बीमारी हो गई, जिसके लिए उन्होंने आपरेशन भी करवाया, लेकिन इसके बावजूद उनके हालत में कुछ खास सुधार नहीं हो सका और वे 25 अगस्त 2012 को दम तोड़ दिया।आर्मस्ट्रांग को कई पुरस्कार और सम्मान भी मिले, जिनमें प्रेसिडेंसियल मेडल आफ फ्रीडम, कांग्रेसनल स्पेस मेडल आफ आनर और कांग्रेसनल गोल्ड मेडल शामिल है।इसके अलावा संयुक्त राज्य में आज भी उनके नाम पर दर्जनों स्कूल और मार्ग के नाम रखे हुए है।