RSS प्रमुख मोहन भागवत ने सैनिकों की शहादत पर उठाए सवाल, कहा- जब युद्ध नहीं तो शहीद कैसे

New Delhi: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने सीमा पर सेना के जवानों की शहादत पर सवाल उठाएं हैं। जिस पर विवाद छिड़ सकता है।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सेना के जवानों की शहादत पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसी के साथ यु’द्ध नहीं हो रहा है तो फिर बॉर्डर पर सैनिक कैसे शहीद हो रहे है। ये सवाल उठाते हुए संघ प्रमुख ने इसका कारण बताते हुए कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है कि क्योंकि हम अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं।

मोहन भागवत ने यह बयान गुरुवार को नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान दिया है। जवानों की शहादत पर बात रखते हुए मोहन भागवत ने आजादी के वक्त का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब देश को अंग्रेजों से आजादी नहीं मिली थी तो उस दौरान वतन की आजादी के लिए जान की बाजी लगाने का दौर था। इससे आगे भागवत ने मौजूदा हालात पर टिप्पणी करते हुए जवानों की शहादत पर ही सवालिया निशान लगा दिया।

संघ प्रमुख ने कहा कि यु’द्ध के दौरान सैनिकों की शहादत होती है, लेकिन अगर अबू इस वक्त हमारे देश में कोई यु’द्ध नहीं हो रहा है और फिर भी सेना के जवान शहीद हो रहे है तो इसका मतलब ये है कि हम अपना काम सही तरीके से नहीं कर रहे है। अगर कोई यु’द्ध नहीं है तो कोई कारण नहीं है कि कोई सैनिक सीमा पर अपनी जान गंवाए।

Mohan Bhagwat

मोहन भागवत ने सीमा पर जवानों की शहादत पर सिर्फ चिंता जाहिर नहीं की बल्कि उन्होंने यह आह्वान भी किया कि इसे रोकने और देश को महान बनाने के लिए कदम उठाने चाहिएं। मोहन भागवत का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस पर विवाद छिड़ सकता है।

दरअसल मोदी सरकार जम्मू कश्मीर में आ’तंक के सफाए को प्रमुखता से उठाती रही है, और उसका श्रेय लेती रही है, ऐसे में सीमा पर जवानों की शहादत क्यों हो रही है की बहस को जन्म देकर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सरकार के दावों पर विपक्ष को निशाना साधने का मौका दे दिया है।