राम मंदिर मामले पर JDU ने दिया बड़ा बयान, कहा- BJP नहीं ला सकती राम मंदिर पर कोई अध्यादेश

New Delhi: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर एनडीए में बीजेपी की सहयोगी पार्टी जेडीयू बड़ा बयान दिया है। जेडीयू पहले भी राम मंदिर पर ऐसे बयान देती रही है।

जेडीयू ने शनिवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि राम मंदिर पर अगर केंद्र कोई अध्यादेश लाता है तो उसे जेडीयू पार्टी का समर्थन नहीं मिलेगा। जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने इस बात की जानकारी दी है। दरअसल लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर को लेकर सियासत तेज हो गई है।

जेडीयू कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि राम मंदिर पर हमारा रुख साफ है या तो आपसी सहमति या फिर कोर्ट के फैसले से राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए। इस पर हम अपना स्टैंड नहीं बदल सकते। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस मुद्दे पर कोई अध्यादेश नहीं ला सकती है। कोई तीसरा रास्ता नहीं हो सकता। यदि इस पर कोई अध्यादेश आता है तो उसे जेडीयू का समर्थन नहीं मिलेगा।

JDU

जेडीयू महासचिव के बयान को मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है। राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली शिकस्त उसके प्रमुख घटक दल जेडीयू के स्टैंड में उसके नसीहत की छुपी है कि समाज में सबको और सभी विचारधाराओं को साथ लेकर चलना होगा। वहीं जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्याक्ष प्रशांत किशोर ने कहा कि बीजेपी मंदिर मुद्दे को उठाए बिना चुनाव जीत जाएगी और भगवा पार्टी की लोकप्रियता निश्चित रुप से 2014 के बाद से गिर गई है।

हालांकि राज्य की बीजेपी ईकाई ने अपने गठबंधन सहयोगी को यह कहने के लिए कहा कि मंदिर जल्द ही बनाया जाएगा क्योंकि यह बीजेपी के घोषणापत्र का हिस्सा रहा है। वहीं आरसीपी सिंह ने कहा कि यदि बीजेपी मंदिर निर्माण पर एक अध्यादेश लाती है तो हम इसका समर्थन नहीं करेंगे। हमने हमेशा सामाजिक एकजुटता और सांप्रदायिक भाईचारे के बारे में बात की है।