भारत में इंटरनेट की नीति पर बोले IT मंत्री रविशंकर प्रसाद- इस पर किसी का नहीं एकाधिकार

New Delhi: सरकार ने भारत में इंटरनेट की नीति को लेकर कहा है कि इंटरनेट और इसका उपयोग सब के लिए है और इस पर किसी का एकाधिकार नहीं होगा। अर्जेंटीना के सलाटा में चल रहे मंत्रियों की G20 डिजिटल इकॉनमी सम्मेलन में IT मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ग्लोबल सोशल मीडिया दिग्गजों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को भारत में अपने प्रॉफिट को पुनः निवेश करने की ज़रूरत है जिससे यहां नई नौकरियां क्रिएट होंगी और वो यहां के उभरते हुए इंटरनेट मार्केट से और मुनाफा कमा सकेंगे।

G20 के इस सम्मेलन में भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में बोलते हुए IT मंत्री प्रसाद ने कहा कि इंटरनेट की दुनिया में नौकरियों और प्रॉफिट की असीम संभावनाएं हैं, लेकिन कुछ लोग इस पर अपना एकाधिकार ज़माने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यहां आगे बोलते हुए इंटरनेट के उपयोग पर भारत की नीति साफ़ करते हुए कहा कि यह सभी के लिए और इस पर किसी का एकाधिकार नहीं है। उन्होंने वर्तमान में भारत में चुनाव को इंटरनेट और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों द्वारा प्रभावित किए जाने की बात करते हुए कहा कि अब ऐसा करने पर कड़ी सज़ा का प्रावधान होगा।

G20 सम्मलेन को संबोधित करते हुए प्रसाद ने कहा कि आज डिजिटल सेवाओं के लिए सबसे गतिशील और बड़ा मार्केट एशिया, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका के देशों में है। उन्होंने आगे कहा कि भारत में भी इसका एक बड़ा मार्केट उभर रहा है, इसलिए मैं डिजिटल सेवाएं देने वाले विभिन्न प्लैटफॉर्म्स के दिग्गजों से कहना चाहता हूं आज उन्हें भारत में अपने लाभ को फिर से निवेश करने की आवश्यकता है। प्रसाद ने इसके बाद कहा कि यदि वे ऐसा करते हैं तो इससे भारत में नई नौकरियों का निर्माण होगा और इससे दिग्गजों को भी काफी फायदा होगा।

मंत्री ने यहां कहा कि इंटरनेट के उपयोग को लेकर भारत की नीति एकदम साफ़ है यह सब के लिए है, इस पर किसी खास वर्ग, समुदाय आदि का एकाधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने इसी कड़ी में कहा कि वास्तव में साइबरस्पेस वैश्विक है और इसके साथ लोकल आइडियाज, कल्चर और वैल्यू जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता।