मोदी सरकार के लिए बड़ी खुशखबरी, अमेरिका,समेत कई देशों ने ट्रेन 18 को खरीदने में दिखाई दिलचस्पी

New Delhi: मोदी सरकार की महात्वाकांक्षी मेक इन इंडिया पहल को बड़ी कामयाबी मिलती दिखाई दे रही है। मेक इन इंडिया के तहत भारतीय रेलवे द्वारा बनाई गई ट्रेन 18 को खरीदने में अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों ने दिलचस्पी दिखाई है।

भारत रेल व्यापार के बड़े बाजार में दस्तक देने जा रहा है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पेरू, इंडोनेशिया, सिंगापुर, मलेशिया और पश्चिमी एशिया के कुछ देशों ने भारत की अत्याधुनिक ट्रेन 18 को आयात करने में रुचि दिखाई है।

दरअसल मेक इन इंडिया पहल के तहत बनाई गई ट्रेन 18 भारतीय रेल के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। मिडिल ईस्ट लेकर अमरीका तक के देशों ने इस ट्रेन में अपनी रुचि दिखाई है। ट्रेन 18 को बनाने में 100 करोड़ रुपए का खर्च आया है। ट्रेन सेट्स बनाने की यह तकनीक दुनिया में सबसे सस्ती है इसलिए कई देश इसे खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

रेलव बोर्ड के सदस्य राजेश अग्रवाल ने कहा, कई देशों ने इस ट्रेन सेट में रुचि दिखाई है और हमें खुशी तथा गर्व है कि स्वदेशी रूप से तैयार एक उत्पाद में इतनी रुचि दिखाई जा रही है। दुनिया भर में रोलिंग स्टॉक बाजार लगभग 200 अरब डॉलर का है और हम इसमें एक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी चाहते हैं। अब इस ट्रेन को सफलतापूर्वक चलाना है।

रेलवे बोर्ड के मेंबर ट्रैफिक जीके पिल्लई ने कहा कि ट्रेन 18 को लेकर कुछ सुझाव हैं जिसे ठीक किया जा रहा है और यह जरूर चलेगा। सूत्रों ने बताया कि अभी ट्रेन 18 जैसे मानक वाली ट्रेनों की कीमत दुनिया भर में करीब 250 करोड़ रुपए हैं जबकि इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई द्वारा तैयार ट्रेन 18 की लागत करीब 100 करोड़ रुपए है।