BJP विधायक का विवादित ट्वीट- गलत प्रथा की शुरूआत है #MeToo कैंपेन, ब्लैकमेलिंग में हुआ इस्तेमाल

New Delhi: #MeToo कैंपेन ने हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक ही नहीं, बल्कि भारतीय मीडिया और राजनीति में एक अजीब सी कलबली मचाकर मचा कर रख दी है। #MeToo कैंपेन, जिसके जरिए दुनियाभर की महिलाओं ने यौन शोषण को लेकर अपनी आपबीती सुनाई। इसी कैंपेन की मदद से दुनिया के सामने कई बड़ी हस्तियां का असली चेहरा जनता के सामने आया, लेकिन अब जुर्म का पर्दाफाश करते-करते ये कैंपेन भारतीय राजनीति में जा पहुंचा हैं और अब बॉलिवुड हस्तियों के साथ-साथ मोदी सरकार के मंत्री भी इसके तहत आरोपी बने हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि भारत में विदेश मामलों को देखने वाले केंद्रीय राज्य मंत्री एमजे अकबर पर भी महिला पत्रकार प्रिया रमानी ने भी छेड़छाड़ के आरोप लगाए। इसी हालिया घटना पर भारतीय जनता पार्टी के विधायक की भी विवादित प्रतिक्रिया सामने आई है। भाजपा विधायक उदित राज ने #MeToo कैंपेन को एक गलत प्रथा की शुरूआत बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है।

अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर भाजपा विधायक डॉ. उदित रात ने लिखा कि “यह कैसे संभव है कि कोई ‘लिव इन रिलेशन’ में रहने वाली लड़की अपने साथी पर यौन शोषण का आरोप लगाकर उस पर मुकदमा दर्ज करवा दे और वह जेल चला जाए।” उदित राज ने अपने ट्वीट में बताया कि “इस तरह की घटना आए दिन हर किसी ना किसी के साथ होती नजर आ रही है। उन्होंने पूछा कि क्या इसका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए नहीं किया जा रहा है?”

इसके अलावा, अपने एक नए ट्वीट में उदित राज ने #MeToo कैंपेन को लेकर कहा कि “यह कैंपेन जरूरी है लेकिन किसी व्यक्ति पर 10 साल बाद यौन शोषण का आरोप लगाने का क्या मतलब है? इतने सालों बाद सत्यता की जांच कैसे हो पाएगी?” इतना ही नहीं, उदित राज ने कैंपेन को ‘गलत प्रथा की शुरूआत’ बताते हुए कहा कि “जिस व्यक्ति पर झूठा आरोप लगा दिया जाए, तो इससे उस व्यक्ति की छवि को काफी नुकसान पहुंच सकता है।”

जाहिर है कि विदेश मामलों के राज्य मंत्री और पूर्व पत्रकार एमजे अकबर पर महिला पत्रकार प्रिया रमानी समेत कई महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। लेकिन, अभी तक एमजे अकबर पर लगे संगीन आरोपों को लेकर ना तो विदेश मंत्रालय ने कोई प्रतिक्रिया दी है और ना ही खुद एमजे अकबर ने कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया है।