यौन शोषण के आरोपी मंत्री MJ अकबर पर कांग्रेस का वार- ‘चुप्पी कोई रास्ता नहीं, प्रधानमंत्री दें जवाब’

New Delhi: विदेश मामलों के राज्य मंत्री एमजे अकबर पर महिला पत्रकार द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों के खिलाफ अब कांग्रेस पार्टी ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस दौरान कांग्रेस पार्टी ने सिर्फ एमजे अकबर से ही चुप्पी तोड़ने के लिए नहीं कहा है बल्कि प्रधानमंत्री से भी इस मामले की जवाबदेही करने की अपील की है।

#MeToo कैंपेन में सामने आए इन आरोपों के बाद जहां सुषमा स्वराज और विदेश मंत्रालय ने चुप्पी कायम रखी तो वहीं भाजपा ने भी कोई टिप्पणी करने से साफ इंकार कर दिया। एमजे अकबर पर यौन शौषण के संगीन आरोप लगने के बाद सुषमा स्वराज से पूछा गया कि “एमजे अकबर पर लगे आरोपों के संबंध में आप एक महिला मंत्री के तौर पर क्या कदम उठाएंगी।” इस सवाल को सुषमा स्वराज ने ध्यान से तो सुना लेकिन बिना जवाब दिए वहां से चली गईं।

लेकिन इस मामले को कांग्रेस पार्टी ने बिल्कुल नजरअंदाज नहीं किया। इस मामले में कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि “यह बेहद गंभीर मामला है जिसमें केंद्र सरकार और आरोपी मंत्री ने जवाब देना जरूरी नहीं समझा है। लेकिन चुप्पी से कोई रास्ता नहीं निकलेगा।” प्रेस कांप्रेंस के दौरान मनीष तिवारी ने कहा कि “हम इस मामले में ना सिर्फ आरोपी मंत्री बल्कि प्रधानमंत्री से जवाबदेही चाहते हैं।” उन्होंने बताया कि इस मामले में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा से भी कई सवाल किए गए, लेकिन उन्होंने इस पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी।

जानकारी के लिए बता दें कि महिला पत्रकार प्रिया रमानी समेत अन्य 4 महिलाओं द्वारा मंत्री एमजे अकबर पर लगाए गए यौन शोषण के आरोपों के कारण सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ट्विटर पर एमजे अकबर काफी समय तक ट्रेंड करते रहे। उन पर ये आरोप उस समय के लिए लगाए गए थे, जब वे वरिष्ठ पत्रकार की भूमिका में थे। शायद यही कारण है कि अपने मंत्री पर लगे आरोपों को लेकर ना तो विदेश मंत्रालय ने कई सफाई दी है और ना ही खुद अकबर ने कोई स्पष्टीकरण पेश किया है।

भारत में #MeToo कैंपेन के तहत कई महिलाओं ने बड़ी बॉलीवुड और राजनीतिक हस्तियों पर यौन शोषण के आरोप लगाएं है। साल 2006 में अमेरिका से शुरू हुई इस मुहीम ने कई बड़ी हस्तियों को आरोपों को घेरे में लिया तो वहीं एक लंबे अरसे बाद पीडित महिलाओं को भी अपनी आवाज उठाने का मौका मिला। लेकिन #MeToo कैंपेन के तहत लगाए गए आरोपों में से कई आरोपों को सिरे से खारिज करके उन्हें बडी हस्तियों को बदनाम करने का एजेंड़ा भी करार दिया गया है।

Leave a Reply