चीन के इलेक्ट्रोमैगनेटिक कैटापुल्ट रॉकेट ने बढ़ाई भारत की चिंता, जानिए क्या हैं खास

New Delhi: एशिया में अगर देखा जाए तो भले ही भारत की जनता पाकिस्तान को अपना धुर प्रतिद्वंदी मानती हो लेकिन वास्तविक रूप से चीन पाकिस्तान से भी ज्यादा खतरनाक है।

चीन को यूं ही ड्रेगन की संज्ञा नहीं दी गई है। जिस तरह से वो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चाल चलता है उससे भारत तो क्या अमेरिका और रूस भी सजग रहते हैं। ऐसे में एक बार फिर चीन ने अपने रक्षा क्षेत्र में बदलाव करते हुए भारत की मुश्किलें बढ़ा दी है। दरअसल, चीन ने इलेक्ट्रोमैगनेटिक कैटापुल्ट रॉकेट का निर्माण किया है और वो इसको तिब्बत के क्षेत्र में तैनात करवा सकता है। इस रॉकेट की खास बात ये है कि ये कम ऑक्सीज़न, कम विजिबिलटी वाली जगहों में भी कारगर होता है और अपने प्रतिद्वंदी की मुश्किलों को बढ़ाता है।

खबरों की मानें तो चीन को पश्चिमी बॉर्डर क्षेत्र को लेकर चिंता ज्यादा है। ऊपर से भारत की बढ़ती सैन्य ताकत से वो पूरी तरह घबरा गया है। कुछ समय पहले डोकलाम विवाद में भी उसने भारत की सैन्य ताकत को देख लिया है। ऐसे में वो भारत को नजरअँदाज कर किसी भी तरह की गलती मोल नहीं लेना चाहता। इसके साथ ही भारत की विदेश नीति से भी चीन काफी चिंतित है। नेपाल और तिब्बत में भारत की भूमिका को वो नजरअंदाज नहीं करना चाहता। बता दें कि इस रॉकेट का बजट काफी कम है। इसके साथ ही पहाड़ी इलाकों में ऑक्सीजन की आती मुश्किलें भी ये रॉकेट आसानी से सह सकता है।

 

इस रॉकेट की कई और खासियत भी है। यह दूर तक मार करने की क्षमता रखता है। साथ ही इसके निर्माण से चीनी सैनिकों को अब मरुस्थल या पहाड़ी स्थल पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि ये रॉकेट दूर से ही अपने दुश्मनों को पहचान लेगा और सटीक निशाना लगाकर उनको मुंहतोड़ जवाब देगा। हालांकि भारत को भी विश्वास है कि वो भी किसी भी तरह से इस रॉकेट का हल जल्द ही ढूढ़ निकालेगा।