AJL प्लाट केस में पेश नहीं हुए मोतीलाल वोरा, सुनवाई में मांगी परमानेंट एक्सेम्पशन

New Delhi: नेशनल हेराल्ड की सब्सिडी एसोसिएट्स जनरल लिमिटेड(AJL) कंपनी को प्लांट आवंटन के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई।

सीबीआई की विशेष अदालत में हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा तो पेश हुए लेकिन मोतीलाल वोरा नहीं पहुंचे। सुनवाई के दौरान सीबीआई द्वारा बचाव पक्ष को दस्तावेज सौंपे गए, जो उन्होंने मांगे थे। बचाव पक्ष के वकील एसपीएस परमार ने कहा कि वे दस्तावेजों की जांच करेंगे।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की तरफ से इस मामले में आरोपी मोतीलाल वोरा के उम्र और मेडिकल कारणों के चलते परमानेंट एक्सेम्पशन की याचिका लगाई गई। इस पर 31 मई को सीबीआई कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। मामले की अगली सुनवाई भी उसी दिन होगी।

Quaint Media

सीबीआई की जार्जशीट कोर्ट में पेश होने के बाद ईडी ने संबंधित प्लॉट को अटैच कर रखा है। एजेएल कांग्रेस नेताओं व गांधी परिवार के नियंत्रण वाली कंपनी है। इसे जिस समय प्लॉट रि अलॉट किया गया। उस समय भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री के साथ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के चेयरमैन भी थे। वोरा एजेएल के चेयरमैन भी रहे हैं।

24 अगस्त को 1982 को पंचकूला सेक्टर 6 में 3360 वर्ग मीटर का प्लॉट नंबर सी 17 तत्कालीन सीएम चौधरी भजनलाल ने एजेएल को अलॉट कराया। कंपनी ने 10 साल तक कोई निर्माण नहीं किया। तो 30 अक्टूबर 1992 को हुड्डा ने अलॉटमेंट को रद्द कर प्लॉट पर वापस कब्जा ले लिया।