कांग्रेस की सत्ता में भी सर्जिकल स्ट्राइक को तैयार थी सेना, इस नेता के कारण हुई किरकिरी

New Delhi: मोदी सरकार के कार्यकाल में आतंकवादियों और घुसपैठियों के खिलाफ अंजाम दी गई सर्जिकल स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ करीब आ रही है। लेकिन बहुत ही कम लोग ये बात जानते हैं कि सिर्फ मोदी सरकार ने ही सर्जिकल स्ट्राइक करने का बेड़ा नहीं उठाया बल्कि यह मौका कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल में भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हाथ लगा था। उस समय भी भारतीय सेना ने पाकिस्तान की नापाक हरकतों को सबक सिखाने की पूरी तैयारी की थी लेकिन कांग्रेस सरकार के गलत फैसलों के कारण सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम नहीं या जा सका। शायद यही कारण है कि मोदी सरकार को आतंकी और घुसपैठियों के खिलाफ लेकर इतनी परेशानियां झेलनी पड़ी रही हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि इस बात की पुष्टि सैन्य अधिकारियों का हवाला देकर खुद मोदी सरकार ने की थी। उन्होंने बताया था कि 26/11 आतंकवादी हमलों के भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक करने के लिए भारतीय सेना बिल्कुल तैयार थी लेकिन अफसोसजनक बात तो यह थी कि कांग्रेस की सरकार और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ही इस कार्रवाई को अजांम देने के लिए भरपूर हिम्मत नहीं जुटा पाए। उसका परिणाम यह हुआ कि दुनिया की नजरों में भारत सिर्फ एक आतंकवादी हमलों से पीड़ित देश बनकर रह गया और आतंकवादियों ने इस देश में जमकर घुसपैठ मचाई और आक्रामक कार्रवाईयों को अंजाम दिया।

कांग्रेस पार्टी की सरकार के समय सामने आए सर्जिकल स्ट्राइक के विकल्प का खुलासा सिर्फ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही नहीं बल्कि पूर्व वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल रहे फली होमी मेजर (रिटायर्ड) ने भी किया। उन्होंने बताया कि 26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों के 24 घटों के अंदर भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीरी इलाकों में सर्जिकल स्टारइल करने का पूरा मसौदा तैयार कर लिया था। उन्होंने बताया कि उस पाकिस्तान अधिकृत कश्मीरी इलाकों में आतंकवादियों के प्रशिक्षण शिविरों का भी पता लगा लिया गया था लेकिन दुर्भाग्यपूर्वक यूपीए की सरकार ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने की इजाजत नहीं दे पाई।

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने 26/11 के आतंकवादी हमलों के बाद भी भारत को बेइज्जत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अगर सही समय पर पाकिस्तान पर सख्त कार्यवाहियों को अजांम दिया गया होता तो मोदी सरकार के कार्यकाल में उरी आतंकवादी हमलों का बर्बर नजारा शायद देखने को नहीं मिलता। लेकिन मनमोहन सरकार की तरह मोदी सरकार ने हाथ पर हाथ रखकर बैठना जरूर नहीं समझा और सिंतबर 2016 में उरी में अंजाम दिए हमलों का बदला लेने के लिए भारतीय सेना को पूरी तैयारी के साथ भेजा गया। अपने इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने  सीमाई इलाकों में स्थित आतंकी कैंप और लॉन्च पैड को निशाना बनाकर तबाह किया और पहली सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया।