H-1B वीजा में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में अमरेका, भारतीय IT कंपनियों पर पड़ेगा बुरा असर

New Delhi: H-1B वीजा पॉलिसी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल खबर है कि अमेरिका बहुत जल्दी अपनी H-1B Visa पॉलिसी में बड़ा बदलाव कर सकता है।

दरअसल अगर अमेरिका अपनी H-1B Visa पॉलिसी में बदलाव करता है तो वहां पर काम कर रहे भारतीयों पर इसका बुरा असर पड़ेगा। इस बदलाव से भारतीय आईटी कंपनियां सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। साथ ही भारतीय-अमेरिकी लोगों की तरफ से कॉन्ट्रैक्ट पर चलाई जा रही छोटी और मध्यम वर्ग की कंपनियों पर भी असर पड़ेगा।

ट्रंप प्रशासन ने H-1B Visa पॉलिसी के तहत कुछ खास पेशों की परिभाषा को बदलने का प्रस्ताव भेजा है। इसके अलावा फॉरेन वर्क वीजा कैटेगरी में भी बदलाव किए जाएंगे। ये कैटेगरी भारतीय कंपनियों में काफी प्रचलित है। अगर इसमें बदलाव किया जाता है तो भारतीय कंपनिया बुरी तरह से प्रभावित होंगी। बताया जा रहा है कि ये प्रस्ताव जनवरी 2019 तक बन जाएगा।

H-1B Visa

बुधवार को डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने बताया कि खास पेशों की परिभाषा को इसलिए फिर से परिभाषित किया जाएगा ताकि H-1B Visa के तहत प्रतिभाशाली लोगों को लिया जा सके। इसके पहले आईटी क्षेत्र की एक हजार से अधिक छोटी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक समूह ने अमेरिका की इमीग्रेंट एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। यह मुकदमा तीन साल से कम अवधि के लिए H-1B Visa जारी करने को लेकर किया गया था।

दरअसल, सामान्य रूप से एच-1बी वीजा तीन साल से छह साल के लिए जारी किया जाता है। इस वीजा के तहत अमेरिकी कंपनियां विशेषज्ञता वाले खास काम के लिए विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करती हैं। दरअसल H-1B Visa पॉलिसी मे बदलाव करके अमेरिका ऐसी प्रक्रिया बनाना चाहता है जिसके जरिए बाहर से आने वाले प्रोफेशनल्स में से बेस्ट को ही वहां रहने और काम करने की इजाजत दी जाए।