अभी-अभी:96 साल की बुजुर्ग महिला 100 में से 98 अंक हासिल कर बनी टॉपर,CM विजयन ने किया सम्मानित

New Delhi:  कहते हैं शिक्षा एक ऐसी चीज है, जो हर समस्या का समाधान है। देश की गरीबी हो या उन्नति के अवसर.., हर जगह शिक्षा का बोलबाला हैं। अगर देश का हर नागरिक शिक्षित होगा तो देश अपने आप विकास की राह पर दौड़ पड़ेगा। अगर आप ये सोच रहे हैं कि अब हमारी उम्र निकल गई, हम अपने बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे। बच्चों की शिक्षित करने की सोच बिल्कुल सही हैं, लेकिन आपकी ये सोच कि हमारी शिक्षा ग्रहण करने की उम्र निकल गई.. ये सोच बिल्कुल गलत है। क्योंकि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती।

शिक्षा एक ऐसी चीज हैं, जो बांटने से बढ़ती हैं। उम्र कोई भी हो आप शिक्षा के जरिए नाम कमा सकते हैं। इसके एक अच्छा उदाहरण केरल राज्य से सामने आया हैं, जहां 96 साल की बुजुर्ग महिला ने शिक्षा के क्षेत्र में नाम कमाया हैं। जी हां, चौंकिये मत, ये मुमकिन हैं, अगर मन में कुछ करने की लगन हो तो उम्र भी आपका रास्ता नहीं रोक सकती। 96 साल की उम्र.. जिसमें एक बुजुर्ग महिला ने पढ़ने-लिखने की ठानी और दिन-रात पढ़ाई की। इस दौरान न तो उनकी इस पढ़ाई के जज्बे को समाज की सोच रोक पाई और न ही बुढ़ापे में होने वाली समस्या।

पढ़ाई की लगन का नतीजा ये निकाल कि बुजुर्ग ने 100 में से 98 अंक प्राप्त किए। ये अंक प्राप्त करने के लिए  स्कूली बच्चे दिन-रात, सालभर मेहनत करते हैं, तब ऐसे मार्क्स को हासिल कर पाते हैं। चलिए आपको अब विस्तार से बताते हैं ये पूरा मामला, केरल राज्य साक्षरता मिशन के तहत ‘अक्षरालक्षम’ साक्षरता कार्यक्रम चलाया गया। जिसमें अलप्पुझा की 96-वर्षीय Karthiyani Amma ने 100 में 98 अंक प्राप्त किए।

महिला की उम्र के हिसाब से ये लोगों के लिए चौंकने का विषय जरूर हो सकती हैं, लेकिन इससे एक अच्छा संदेश जाता हैं कि उम्र कोई भी हो, आप शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, क्योंकि शिक्षा हमारी उम्र नहीं पूछा करती। इस तारीफे काबिल कार्य से खुश होकर मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan ने बुजुर्ग महिला को सम्मानित किया। इस पर कार्तियानी अम्मा ने कहा कि बच्चों को पढ़ता देख मुझे प्रेरणा मिली लेकिन जब युवा थी तो कभी मौका नहीं मिला अन्यथा सरकारी अधिकारी बन गए होते। अब कंप्यूटर सीखना चाहती हूं।