राफेल विमानों की खरीद पर बोले चिदंबरम- केंद्र सरकार ने की रक्षा खरीद नियमों की अनदेखी

New Delhi: केंद्र में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस इन दिनों लगातार सरकार पर आक्रामक हमले कर रही है। कांग्रेस ने अपने इसी मुद्रा में शनिवार को केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार पर 36 लड़ाकू राफेल विमानों की खरीद में रक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक बहस और विस्तृत जांच की मांग की।

कांग्रेस की सरकार में वित्तमंत्री रहे पी. चिदंबरम ने शनिवार को राफेल खरीद मामले में सरकार पर हमलावर होते हुए भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम ने इस डील में हुए भ्रष्टाचार के लिए विस्तृत जांच की मांग की। उन्होंने शनिवार को कोलकाता के पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इस राफेल विमान डील में केंद्र की मोदी सरकार ने रक्षा खरीद नियमों और उसकी प्रक्रिया के साथ-साथ रक्षा खरीद के लिए बनाई गई कमेटियों के दिशा-निर्देश और सुझावों को नज़र अंदाज़ करते हुए भारी भ्रष्टाचार किया है।

यहां पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर चिदंबरम ने कहा कि हमारे अनुसार यह एक गंभीर विषय है और इसके लिए सार्वजनिक बहस के साथ विस्तृत जांच होनी चाहिए। सरकार द्वारा किए गए इस डील में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इन दिनों कांग्रेस सरकार पर आक्रामक मुद्रा में है।

चिदंबरम ने सरकार पर आगे आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने सुरक्षा की दृष्टि से सौदे पर हस्ताक्षर करने से पहले अपने मंत्रिमंडल समिति को भी विश्वास में नहीं लिया, उन्होंने कहा कि इस सौदे में रक्षा सौदा के नियमों और उसकी प्रक्रिया पर अमल करने को उचित न समझते हुए एक साथ सबकुछ नज़र अंदाज़ कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस डील में कॉन्ट्रैक्ट नेगोसिएशन कमिटी और मूल्य तय करने के लिए बनाई गई कमिटी को छुपाया गया।

विपक्षी पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार ने फ्रांस के डस्सॉल्ट एविएशन कंपनी द्वारा बनाए गए 36 राफेल विमानों को कांग्रेस शासन काल में 126 राफेल विमानों की खरीद के लिए तय किए गए मूल्य से बहुत अधिक रुपयों में खरीदा। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि दोनों सौदों में मूल्यों में भारी अंतर है, उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए के शासनकाल में जिस एक राफेल विमान का मसौदा 526 करोड़ रुपयों में हुआ था उसी को एनडीए की सरकार ने 1,670 करोड़ में खरीदा। इस प्रकार राजग सरकार ने कुल 36 लड़ाकू राफेल विमान खरीदा। चिदंबरम ने इस डील में अचानक तीन सालों में हुई इतनी जबरदस्त वृद्धि पर सवाल करते हुए इसके लिए सार्वजनिक बहस के साथ विस्तृत जांच की मांग की।